सिडबी (SIDBI) का क्या कार्य है?

सिडबी - SIDBI यानी Small Industries Development Bank of India। सिडबी एक बैंक है, जो सूक्ष्म लघु एवं मध्यम यानी एमएसएमई कारोबारियों को बिजनेस लोन प्रदान करने का काम करता है।

सिडबी को हिंदी में हम लघु उद्योग विकास बैंक के नाम से जानते हैं। SIDBI की स्थापना 2 अप्रैल, 1990 को भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI) के एक सहायक बैंक के रूप में की गई थी।

सिडबी बैंक का हेडक्वाटर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में है। 2015 से सिडबी के चेयरमैन डॉ। क्षत्रपति शिवाजी हैं। सिडबी बैंक देशभर में 15 क्षेत्रीय कार्यालय और 100 शाखा कार्यालय हैं।

SIDBI लघु उद्योगों को व्यापारिक बैंकों, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा राज्य औद्योगिक वित्त निगमों (Industrial finance corporations) के जरिये बिजनेस लोन की सहायता प्रदान करता है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि देश की प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) ZipLoan द्वारा एमएसएमई कारोबारियों की आर्थिक सहायता के लिए 5 लाख तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है।

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सिडबी (SIDBI) का प्रमुख कार्य क्या है

देश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और लघु उद्योगों के साथ मध्यम उद्योगों की स्थापना करना, वित्त पोषण यानी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उद्योगों के डेवलपमेंट (विकास) आदि के लिए फाइनेंशियल हेल्प देना सिडबी का प्रमुख कार्य है।

SIDBI भारतीय पूँजी बाजार और विदेशी संस्थाओं से विदेशी मुद्रा (foreign currency) में ऋण भी ले सकता है। आपको बता दें कि IDBI, IFCI, IIBI industrial development banks की ही तरह SIDBI को लघु और लघुतर उद्योगों की स्थापना, वित्त पोषण, विकास आदि के लिए वित्त देने का दायित्व सौंपा गया है।

SIDBI लघु उद्योगों को व्यापारिक बैंकों, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा राज्य औद्योगिक वित्त निगमों (Industrial finance corporations) के जरिये भी आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

सिडबी यानी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक की स्थापना 2 अप्रैल 1990 को संसद के एक अधिनियम के तहत, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के संवर्द्धन, वित्तपोषण एवं विकास के लिए और साथ ही इसी तरह की गतिविधियों में संलग्न संस्थाओं के कार्यों का समन्वय करने हेतु प्रमुख वित्तीय संस्था के रूप में की गई है।

सिडबी किन उद्योगों को आर्थिक मदद करता है?

लघु उद्योग विकास बैंक यानी सिडबी (SIDBI) के व्यापार क्षेत्र में माइक्रो, स्माल और मझौले उद्यम (MSME) शामिल हैं। इसके साथ ही वह सभी लघु एवं मध्यम उद्योग सिडबी के कार्यक्षेत्र में शामिल हैं जो उत्पादन , रोजगार और निर्यात के मामले में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

भारत में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। क्योंकि भारत में 5.1 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उधम (एमएसएमई) की इकाइयां भारत में कार्यरत हैं। इन सभी एमएसएमई इकाइयों का भारत की अर्थव्यवस्था एवं जीडीपी में अहम योगदान है।

देश में सिडबी का योगदान कुछ इस प्रकार है:

  • सिडबी के जरिये लगभग 11.7 करोड़ रोजगार सृजन हुआ है।
  • सिडबी के सहयोग से देश में सालाना 6 हजार से अधिक मैनुफैक्चरिंग इकाइयों का निर्माण किया जाता है।
  • देश के कुल प्रोडक्ट के उत्पादन में सिडबी का 45% योगदान होता है।
  • मैनुफैक्चरिंग इकाइयों के उत्पादन में (manufacturing output) में लगभग 45% का योगदान सिडबी का है।
  • देश की जीडीपी यानी विकास दर में सिडबी का योगदान 37% है।

सिडबी के साथ यह रिकार्ड जुड़ा है

विश्व के विकास बैंकों में सिडबी को 30वां स्थान प्राप्त है। इसके पीछे कारण है कि सिडबी द्वारा अभी तक 3 करोड़ 20 लाख लोगों को 3260 ट्रिलियन धनराशि बतौर बिजनेस लोन के रुप में दी जा चुकी है।

सिडबी द्वारा उधमियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कुछ और संस्थाओं की स्थापना की गई है। सिडबी द्वारा स्थापित संस्थाओं का नाम निम्न है:

संस्थाकार्य
माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा)एमएसएमई उधमियों को तीन कैटेगरी में 10 लाख तक का मुद्रा लोन प्रदान कर
रिसीवेबल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल)एमएसएमई उधमियों को दिए गये लोन की वापसी सुनिश्चित करने का कार्य
सिडबी वेंचर कैपिटल लिमिटेड (एसवीसीएल)एमएसएमई कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल प्रदान करने का कार्य
ऐक्विट रेटिंग्स एंड रिसर्च लिमिटेडएमएसएमई की क्रेडिट रेटिंग प्रदान करने का कार्य
इंडिया एसएमई टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड (आईएसटीएसएल)टेक्नोलॉजी की सर्विस और सलाह देने का कार्य
इंडिया एसएमई असेट रिकन्स्ट्रकशन कंपनी लिमिटेड (आईसार्क)एनपीए का तुरंत समाधान करने का कार्य

सिडबी एमएसएमई के विकास से जुड़ी भारत सरकार की पहलों में सहयोग करता है। कुछ सरकारी योजनाओं जैसे मुद्रा लोन योजना, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के लिए नोडल एजेंसी के रूप में भी काम करता है

एमएसएमई उधमियों को ZipLoan से 5 लाख तक का बिजनेस लोन मिलता है

देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उधमियों की अहमियत और योगदान को देखते हुए एनबीएफसी ZipLoan द्वारा एमएसएमई उधमियों को 5 लाख तक का बिजनेस लोन, सिर्फ 3 दिन* में बिना कुछ गिरवी रखे प्रदान किया जाता है।

कई ऐसे एमएसएमई उधमी/कोरोबारी होते हैं जो कई बार अन्य कंपनियों और बैंकों से बिजनेस लोन पाने के लिए पात्र नहीं होते हैं। क्योंकि, जहां से उधमी बिजनेस लोन लेना चाहते हैं, वहां की पात्रता बेहद कठिन होती है।

ऐसे कहीं ऐसा न हो कि कारोबारी अधिक पात्रता मापदंडो के चलते बिजनेस लोन से वंचित न रह जाये इसीलिए ZipLoan द्वारा बिजनेस लोन के लिए बेहद आसान पात्रता निर्धारित किया गया है। पात्रता निम्न है:

  • बिजनेस दो साल से अधिक पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर 5 लाख से अधिक हो।
  • बिजनेस के लिए सालाना आईटीआर डेढ़ लाख से अधिक की फाइल की जाती हो।
  • बिजनेस या घर की जगह में से कोई एक खुद कारोबारी के नाम पर हो। (यह खुद के नाम पर, माता – पिता के नाम पर, पति – पत्नी के नाम पर, भाई – बहन के नाम पर, पुत्र – पुत्री के नाम पर हो तो भी मान्य किया जाता है।)

ZipLoan द्वारा एमएसएमई कारोबारियों के लिए समय का महत्व समझा जाता है, इसलिए अधिक कागजी दस्तावेजों की मांग नहीं की जाती है बल्कि सिर्फ 4 कागजी दस्तावेजों पर बिजनेस लोन मुहैया कराया जाता है।

जिन कागजी दस्तावेजों की मांग की जाती है वह लिस्ट निम्न है:

  • आधार कार्ड और पैन कार्ड
  • पिछले 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट। (करेंट बैंक अकाउंट)
  • पिछले साल फाइल की गई आईटीआर की कॉपी
  • घर या बिजनेस की जगह में से किसी एक का मालिकाना प्रूफ की कॉपी। (यह खुद के नाम पर, माता – पिता के नाम पर, पति – पत्नी के नाम पर, भाई – बहन के नाम पर, पुत्र – पुत्री के नाम पर हो तो भी मान्य किया जाता है।)

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने का लाभ

  • तत्काल बिजनेस लोन मिलता है
  • बेहद कम कागजी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है
  • बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखे मिलता है
  • 6 महीने बाद बिजनेस लोन प्री – पेमेंट चार्जेस फ्री होता है
    9 EMI जमा होने के बाद कारोबारी 7.5 लाख तक का बिजनेस लोन पाने के लिए पात्र होता है
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बुनियादी समस्याओं का हल

राम यादव

मैं बारह वर्षों से अपना कारोबार चला रहा हूं लेकिन अपने बिजनेस का विस्तार करने के लिए सक्षम नहीं था। मैंने Ziploan में आवेदन किया और उन्होंने मेरे लोन आवेदन को बहुत ही कम समय में मंजूरी दे दी।

कंचन लता

मैंने अपने कारोबार की ज़रूरतों के लिए ZipLoan से संपर्क किया। कंपनी से लोन पाने की शर्तें पूरा करना आसान था। उन्हें सिर्फ 1 साल का ITR और बिजनेस का सालाना टर्नओवर 10 लाख तक की जरूरत थी।

क्या आप भी ZipLoan के मदद से अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए तैयार हैं?